National Animal of India (रॉयल बंगाल टाइगर) – कुछ रोचक तथ्य

National Animal of India रॉयल बंगाल टाइगर है, जिसे पैंथेरा टाइग्रिस(Panthera Tigris) भी कहा जाता है। भारत में टाइगर की घटती आबादी को रोकने के लिए अप्रैल 1973 में ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ लॉन्च किया गया जिसके पश्चात आधिकारिक तौर पर बंगाल टाइगर को भारत के राष्ट्रीय पशु के रूप में स्वीकार किया गया। इससे पहले शेर को भारत का राष्ट्रीय पशु मन जाता था।

पैंथेरा टाइग्रिस के शरीर पर धारियाँ होती हैं। इसकी ताकत, चपलता और प्रचंड शक्ति ने ही इसको राष्ट्रीय पशु के रूप में गौरवपूर्ण स्थान दिलाया है। रॉयल बंगाल टाइगर, उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र को छोड़कर पूरे देश में और पड़ोसी देशों, नेपाल, भूटान और बांग्लादेश में भी पाए जाते हैं।

National Animal of India

टाइगर को National Animal of India घोषित करने के कारण

1972 में भारतीय वन्यजीव बोर्ड(Indian Board for Wildlife) की एक बैठक हुई, जिसमें शेर की जगह बाघ को राष्ट्रीय पशु(National Animal of India) घोषित करने का निर्णय लिया गया। वास्तव में, 1972 तक, शेर को भारत के राष्ट्रीय पशु के रूप में माना जाता था। 1 अप्रैल 1973 को उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क से ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ लॉन्च किया गया था। सरकार ने बाघों को बचाने के लिए ही इस प्रोजेक्ट की शुरूआत की थी। बोर्ड द्वारा यह निर्णय लेने के कारणों में कुछ इस प्रकार हैं:

  1. बाघ को उसकी सुंदरता, ताकत, चपलता और प्रचंड शक्ति के कारण भारत का राष्ट्रीय पशु चुना गया था।
  2. National Animal of India देश की प्राकृतिक संपदा का प्रतीकात्मक रूप में प्रतिननिधित्व करता है। किसी भी देश के राष्ट्रीय पशु का चयन कई मानदंडों के आधार पर होता है। जिनमें से एक है कि यह उन विशेषताओं को कितनी अच्छी तरह दर्शाता है जिनसे किसी राष्ट्र की पहचान होती है।
  3. बाघ की दुनिया भर में प्रसिद्धि है।
  4. अवैध शिकार के कारण बाघों की आबादी बहुत तेजी से घट रही थी, और इसे राष्ट्रीय पशु घोषित करने के पीछे का कारण जागरूकता बढ़ाना था , जिससे इसके संरक्षण में भी मदद मिली।
  5. बाघ भारत की वन्य जीवन संपदा का प्रतीक है।
  6. दुनिया के लगभग 70% जंगली बाघ भारत में रहते हैं।
  7. बंगाल टाइगर भारत के कई राज्यों में पाया जाता है जबकि एशियाई शेर केवल गुजरात में पाया जाता है।

National Animal of India – बाघ के बारे में कुछ रोचक तथ्य

  1. यह Cat फॅमिली में सबसे बड़ा है।
  2. बाघ की आठ उप-प्रजातियाँ हैं- रॉयल बंगाल, इंडो-चाइनीज, सुमात्राण, अमूर या साइबेरियाई, दक्षिण चीन, कैस्पियन, जावा और बाली। कैस्पियन, जावा और बाली बाघों का अत्यधिक शिकार होने के कारण वे विलुप्त हो गए है।
  3. कोई भी दो टाइगर एक समान नहीं होते हैं। सभी बाघों की स्ट्रिप पैटर्न अलग-अलग होते हैं।
  4. टाइगर की स्ट्राइप गहरे भूरे या काले रंग की होती हैं। कुछ बाग सफेद रंग के भी होते हैं। वे प्रायः बांधवगढ़ नैशनल पार्क में मिलते हैं।
  5. रॉयल बंगाल टाइगर स्वभाव से स्वभाव से उग्र होते हैं व अधिक मिलनसार नहीं होते हैं। इनको एकांत जीवन पसंद होता है। केवल सर्दियों में उन्हें समूह में देखा जा सकता है।
  6. रॉयल बंगाल टाइगर्स(National Animal Of India) की याददाश्त अन्य जानवरों की तुलना में अधिक तेज़ होती है। ये बाघ दहाड़ते नहीं हैं व लड़ते समय ये केवल फुंफकारते हैं।
  7. रॉयल बंगाल टाइगर बहुत तेज़ धावक और अच्छे तैराक होते हैं।
  8. यह बाघ अपने शिकार पर हमला छिपकर करते हैं।
  9. बाघ निचले इलाकों को चुनता है और अक्सर घास के मैदानों, दलदलों और मैंग्रोव में देखा जाता है।
  10. बाघ बांग्लादेश, दक्षिण कोरिया, वियतनाम और मलेशिया का भी राष्ट्रीय पशु है।
  11. नागपुर को ‘Tiger Capital of India’’ कहा जाता है।
  12. IUCN(International Union for Conservation of Nature) रेड लिस्ट के अनुसार, बाघ एक लुप्तप्राय जानवर है।
  13. अवैध शिकार, बाघ की खाल और शरीर के अन्य अंगों की अवैध तस्करी के कारण बाघों की संख्या में कमी होती जा रही है।

National Animal Of India

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